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संताली लोकगीतों में साहित्य और संस्कृति
संताली लोकगीतों में साहित्य और संस्कृति संताली लोकजीवन और लोकसाहित्य को समझने के लिए उपयोगी पुस्तक है। इसके लेखक डॉ. रतन हेम्ब्रम हैं।
पुस्तक में संताली लोकगीतों को केवल गीत के रूप में नहीं, बल्कि संताली समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा गया है। इसमें संताली भाषा, संताली भाषिक क्षेत्र, लोकगीतों की सामान्य विशेषताओं और लोकगीतों के वर्गीकरण से लेकर उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व तक का अध्ययन किया गया है।
पुस्तक के विभिन्न अध्यायों में संस्कार संबंधी गीत, पर्व एवं त्योहार संबंधी गीत, श्रम संबंधी गीत, नृत्य-गीत और अन्य लोकगीतों का विस्तृत विवरण मिलता है।
इसके अतिरिक्त संताली लोकगीतों में रस, प्रतीक, अलंकार, छंद और लय जैसे साहित्यिक तत्वों का भी अध्ययन किया गया है। पुस्तक का एक महत्वपूर्ण भाग संताली लोकगीतों के सांस्कृतिक मूल्यांकन पर केंद्रित है, जिसमें पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और ऐतिहासिक जीवन के चित्रण को समझाया गया है।
यह पुस्तक संताली लोकसाहित्य, जनजातीय संस्कृति और क्षेत्रीय साहित्य में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पाठकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री हो सकती है।
Book Details
| Detail | Information |
|---|---|
| Book Name | संताली लोकगीतों में साहित्य और संस्कृति |
| English Title | Santali Folk Songs, Literature & Culture |
| Subject | Santali Folk Literature & Culture |
| Content | संताली लोकगीत, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक जीवन |
| Language | Hindi |
| Author | डॉ. रतन हेम्ब्रम |
| Publisher | Jharkhand Jharokha |
| Publication Location | Ranchi, Jharkhand |
| ISBN | 978-93-85595-57-8 |
| MRP | ₹495 |
| Pages | लगभग 479 पृष्ठ |








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