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नागपुरी लोक-साहित्य – Nagpuri Lok-Sahitya
डॉ. भुवनेश्वर ‘अनुज’ (Dr. Bhuvneshwar ‘Anuj’) द्वारा लिखित यह पुस्तक झारखंड की नागपुरी भाषा और उसकी समृद्ध लोकसाहित्यिक परंपरा को समझने के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री प्रस्तुत करती है। इसमें Nagpuri Folk Literature, लोकपरंपराओं और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत से संबंधित विभिन्न विषयों का अध्ययन किया गया है।
पुस्तक की विषय-सूची के अनुसार, इसमें नागपुरी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास (Origin and Development of Nagpuri Language), नागपुरी-सदानी संस्कृति, नागपुरी लोककथाएँ (Nagpuri Folk Tales), लोकगीत (Folk Songs), कहावतें (Proverbs), मुहावरे (Idioms), पहेलियाँ (Riddles), प्रहसन और मिथक (Myths) जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, पुस्तक में झारखंड की जनजातियों एवं सदानों के लोकविश्वास (Folk Beliefs of Tribal and Sadan Communities) से संबंधित विषय भी दिए गए हैं। ये विषय क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक जीवन और पारंपरिक ज्ञान को समझने में सहायक हैं।
डॉ. भुवनेश्वर ‘अनुज’ नागपुरी साहित्य और झारखंड के इतिहास से संबंधित अनेक पुस्तकों के लेखक हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों में नागपुरी लोक साहित्य, छोटानागपुर के प्राचीन स्मारक, झारखंड का इतिहास, झारखंड के शहीद और नागपुरी लोककथा साहित्य जैसी पुस्तकें सूचीबद्ध हैं।
यह पुस्तक Nagpuri Language and Literature, Jharkhand Folk Culture तथा Tribal and Regional Studies का अध्ययन करने वाले पाठकों के लिए एक उपयोगी संदर्भ पुस्तक हो सकती है।
Book Details
| Detail | Information |
|---|---|
| Book Name | नागपुरी लोक-साहित्य |
| English Title | Nagpuri Lok-Sahitya |
| Author | Dr. Bhuvneshwar ‘Anuj’ |
| Subject | Nagpuri Language & Folk Literature |
| Content | Folk Songs, Folk Tales, Proverbs, Idioms, Myths & Folk Beliefs |
| Language | Hindi |
| Book Type | Regional Language & Cultural Studies |
| Publisher | Jharkhand Jharokha |
| Publisher Location | Ranchi, Jharkhand |
| ISBN | 978-93-81720-59-2 |
| MRP | ₹450 |








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