Full Product Description
हो भाषा और उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा को जानने के लिए हो कविताओं का राष्ट्रीय स्वर (Ho Kavita Sangrah) एक उपयोगी पुस्तक है। डॉ. प्रदीप कुमार बोदरा द्वारा संकलित एवं संपादित इस संग्रह में हो भाषा की कविताओं के साथ हिंदी अनुवाद भी शामिल है, जिससे पाठकों को कविताओं का भाव और अर्थ समझने में सहायता मिलती है।
पुस्तक की विषय-सूची में मातृभूमि, हमारा झारखंड, भारतवर्ष, देशभक्ति, राष्ट्रीय पर्व, महात्मा गांधी और सामाजिक जीवन जैसे विषय दिखाई देते हैं। यह संग्रह Ho Language, regional literature और Jharkhand की सांस्कृतिक पहचान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी है।
Book Details
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Book Title | हो कविताओं का राष्ट्रीय स्वर |
| Book Type | Ho Poetry Collection |
| Compiler/Editor | डॉ. प्रदीप कुमार बोदरा (Dr. Pradeep Kumar Bodra) |
| Language | हो एवं हिंदी अनुवाद |
| Publisher | Jharkhand Jharokha |
| MRP | ₹150 |
| ISBN | 978-93-81720-67-7 |








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