Full Product Description
कुड़ुख सइहा – कुड़ुख व्याकरण
कुड़ुख सइहा (उराँव-साथी) आह्लाद तिर्की द्वारा लिखित कुड़ुख भाषा और व्याकरण से संबंधित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। पुस्तक का उद्देश्य कुड़ुख भाषा को व्यवस्थित रूप से समझने और सीखने में सहायता करना है।
पुस्तक में आधुनिक कुड़ुख व्याकरण के साथ-साथ कुड़ुख भाषा के विभिन्न पहलुओं को सरल एवं व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसमें भाषा के व्याकरणिक नियमों के साथ शब्दों, वाक्यों और भाषा के व्यवहारिक प्रयोग से संबंधित सामग्री शामिल है।
पुस्तक में कुड़ुख मुहावरे, कहावतें, पहेलियाँ, प्रचलित सांस्कृतिक गीत तथा बोलचाल में आने वाले आवश्यक शब्दों का संग्रह भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त कुछ दिव्य पुरुषों के परिचय से संबंधित सामग्री भी पुस्तक में शामिल है।
पुस्तक के प्रारंभिक भाग में लेखक आह्लाद तिर्की के जीवन, शिक्षा, कार्य एवं कुड़ुख भाषा के क्षेत्र में उनके योगदान का परिचय भी दिया गया है।
यह पुस्तक कुड़ुख भाषा एवं संस्कृति को समझने, सीखने तथा आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।
Book Details
| Detail | Information |
|---|---|
| Book Name | कुड़ुख सइहा |
| English Title | Kudukh Saiha |
| Subtitle | कुड़ुख व्याकरण |
| Language | Hindi / Kurukh |
| Subject | Kurukh Language & Grammar |
| Content | कुड़ुख व्याकरण, भाषा, मुहावरे, कहावतें, पहेलियाँ एवं सांस्कृतिक सामग्री |
| Author | आह्लाद तिर्की |
| Publisher | पृथ्वी प्रकाशन |
| Publication Address | 126, Vidya Vihar, Rohtak Road, New Delhi – 110024 |
| ISBN | 978-81-86845-59-X |
| MRP | ₹200 |









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