Full Product Description
पुरखर गहि तिंगका खीरी अरा बुझुर नखरना (कुड़ुख लोककथायें) कुड़ुख लोक-साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने के लिए उपयोगी पुस्तक है। इसमें उरांव समाज में प्रचलित लोककथाओं और मौखिक परंपराओं को पुस्तक के रूप में संकलित किया गया है।
इन लोककथाओं के माध्यम से कुड़ुख समाज के सामाजिक जीवन, लोकविश्वास, परंपराओं, प्रकृति से संबंध और सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलती है। यह पुस्तक कुड़ुख भाषा एवं साहित्य के पाठकों के साथ-साथ झारखंड की आदिवासी लोक-संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी है।
लेखक भीखू तिर्की ने कुड़ुख भाषा और संस्कृति से जुड़े विषयों पर कई पुस्तकों का लेखन किया है।
Book Details
| Detail | Information |
|---|---|
| Book Name | पुरखर गहि तिंगका खीरी अरा बुझुर नखरना |
| Subtitle | कुड़ुख लोककथायें |
| Author | भीखू तिर्की |
| Language | कुड़ुख |
| Publisher | Prithvi Prakashan, New Delhi |
| ISBN | 978-81-86845-81-X |
| MRP | ₹250 |









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